व्रत हर घर में एक जैसा नहीं होता। कुछ निर्जला रखते हैं, कुछ फलाहार—श्रद्धा और स्वास्थ्य दोनों देखें।
आम समझ
- सूर्योदय से आधी रात की आरती तक कई लोग उपवास रखते हैं
- पानी, फल या दूध की अनुमति परंपरा अनुसार
- पारणा आमतौर पर आरती-प्रसाद के बाद
- गर्भवती, बच्चे, बीमार—चिकित्सकीय सलाह प्राथमिक
सटीक तिथि-समय स्थानीय पंचांग से लें। मधुमा पर पूजा सामग्री व्रत वाले दिन घर की आरती पूरी करने में सहायक है।