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जन्माष्टमी व्रत: नियम, भोजन, समय और पारणा

Puja & Rituals

जन्माष्टमी व्रत: नियम, भोजन, समय और पारणा

जन्माष्टमी व्रत के सामान्य नियम—निर्जला या फलाहार, आरती का समय और पारणा कब करें—घर के लिए सरल गाइड।

व्रत हर घर में एक जैसा नहीं होता। कुछ निर्जला रखते हैं, कुछ फलाहार—श्रद्धा और स्वास्थ्य दोनों देखें।

आम समझ

  • सूर्योदय से आधी रात की आरती तक कई लोग उपवास रखते हैं
  • पानी, फल या दूध की अनुमति परंपरा अनुसार
  • पारणा आमतौर पर आरती-प्रसाद के बाद
  • गर्भवती, बच्चे, बीमार—चिकित्सकीय सलाह प्राथमिक

सटीक तिथि-समय स्थानीय पंचांग से लें। मधुमा पर पूजा सामग्री व्रत वाले दिन घर की आरती पूरी करने में सहायक है।

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Essentials for this guide

Frequently Asked Questions

अक्सर आधी रात की आरती और प्रसाद के बाद; सटीक समय पंचांग से देखें।

कई परंपराओं में फलाहार मान्य है—अपने घर की रीति पूछ लें।
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